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मेथी उन जड़ी-बूटियों में शामिल है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤• माना जाता है. इनका सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण में पà¥à¤°à¤¸à¤µ यानी लेबर को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठकिया जाता है. – पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मेथी का अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करना गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के पाचन तंतà¥à¤° पर असर कर सकता है.
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मेथी का सेवन करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मेथी को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाà¤, तो यह पूरी तरह से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है। इसका उपयोग गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को पेट दरà¥à¤¦, पेट में à¤à¤‚ठन, जकड़न, बà¥à¤–ार और तनाव जैसी कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से निजात दिला सकता है। साथ ही इसका उपयोग बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरही गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठà¤à¥€ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• माना गया है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें हाइपोगà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• (बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को कम करने वाला) गà¥à¤£ पाया जाता है (1)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में मेथी के पतà¥à¤¤à¥‡ व दाने खाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
खाना पकाने में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजाने वाले à¤à¤• से दो चà¥à¤Ÿà¤•ी मेथी दाने अपने आप में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है। वहीं, अगर आप अलग से मेथी के दाने उपयोग कर रही हैं, तो दिन में 5 या 6 गà¥à¤°à¤¾à¤® से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मेथी दानों का उपयोग न करें। मेथी के दाने को रात में पानी में à¤à¤¿à¤—ोकर रख दे। दूसरे दिन इसका सेवन करे। अब अगर बात करें मेथी के साग की, तो à¤à¤• बार में à¤à¤• कप कटे हà¥à¤ मेथी के साग को खाने की सलाह दी जाती है। इसके बावजूद हम सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कर दें कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मेथी दाना और साग की मातà¥à¤°à¤¾ को लेकर कोई à¤à¥€ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ उपलबà¥à¤§ नहीं है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मेथी खाने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ समय कब है?
मेथी को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पà¥à¤°à¤¥à¤® चरण से लेकर अंतिम चरण तक कà¤à¥€ à¤à¥€ खाया जा सकता है (1)। वहीं, अगर आप इसके नियमित सेवन के बारे में सोच रही हैं, तो इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर लें।
मेथी के पोषक ततà¥à¤µ
नीचे दिठगठचारà¥à¤Ÿ की मदद से आप मेथी में मौजूद पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं (2)।
पोषक ततà¥à¤µ मातà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ 100 गà¥à¤°à¤¾à¤®
पानी 8.84 g
à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ 323 Kcal
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ 23 g
टोटल लिपिड (फैट) 6.41 g
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ 58.35 g
फाइबर (टोटल डाइटरी) 24.6 g
मिनरल
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® 176 mg
आयरन 33.53 mg
मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® 191 mg
फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ 296 mg
पोटैशियम 770 mg
सोडियम 67 mg
जिंक 2.5 mg
कॉपर 1.11 mg
मैंगनीज 1.228 mg
सेलेनियम 6.3 µg
विटामिन
विटामिन सी 3 mg
थियामिन 0.322 mg
राइबोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¤¿à¤¨ 0.366 mg
नियासिन 1.64 mg
विटामिन बी-6 0.6 mg
फोलेट (डीà¤à¤«à¤ˆ) 57 µg
विटामिन ठ(आरà¤à¤ˆ) 3 µg
विटामिन ठ(आईयू) 60 IU
लिपिड
फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡) 1.46 g
पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के बाद अब हम गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मिलने वाले मेथी के फायदों के बारे में जानेंगे।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मेथी के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठ| Pregnancy Me Methi Khane Ke Fayde
मेथी के कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठहैं, जिनमें से कà¥à¤› के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
1. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शà¥à¤—र
अगर आप शà¥à¤—र की समसà¥à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हैं, तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मेथी आपकी इस समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर कर सकती है। दरअसल, मेथी में हाइपोगà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• (बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को कम करने वाला) पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पाया जाता है (1)। इस कारण इसका सेवन इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ की सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ को बà¥à¤¾à¤•र बà¥à¥€ हà¥à¤ˆ शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ को कम कर सकता है। इसके अलावा मेथी में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है जो à¤à¥à¤°à¥‚ण के मानिसक विकास में मदद कर सकता है। इससे नà¥à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब डिफेकà¥à¤Ÿ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ कम हो सकती है।
2. सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ में करे सà¥à¤§à¤¾à¤°
जिन महिलाओं में दूध न बनने की शिकायत होती है, उनके लिठà¤à¥€ मेथी à¤à¤• कमाल की औषधि साबित हो सकती है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, मेथी दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ के लिठजरूरी हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ देती है। सिजेरियन डिलीवरी वाली महिलाओं या जिनको टà¥à¤µà¤¿à¤¨à¥à¤¸ हà¥à¤ हो उनके लिठयह फायदेमंद साबित हो सकती है। इससे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला में दूध बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तेज हो जाती है और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ में सà¥à¤§à¤¾à¤° होता है, जो कि बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी माना गया है (3)।
3. पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय को कम करे
मेथी के गà¥à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• यह à¤à¥€ है कि यह गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में संकà¥à¤šà¤¨ को बà¥à¤¾à¤•र पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करता है। साथ ही पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान लगने वाले समय को à¤à¥€ कम कर सकता है। इससे महिलाओं को पà¥à¤°à¤¸à¤µ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान कम पीड़ा का सामना करना पड़ता है (3)।
4. सà¥à¤¤à¤¨ वृदà¥à¤§à¤¿ में मददगार
कà¤à¥€-कà¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव के कारण सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की वृदà¥à¤§à¤¿ रà¥à¤• जाती है या उनमें सूजन आ जाती है। इस कारण महिलाओं को काफी कषà¥à¤Ÿ का अनà¥à¤à¤µ होता है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¥€ मेथी का उपयोग लाà¤à¤•ारी सिदà¥à¤§ हो सकता है। इस संबंध में किठगठà¤à¤• शोध के माधà¥à¤¯à¤® से इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की गई है कि सà¥à¤¤à¤¨ गà¥à¤°à¤‚थियों के विकास में मेथी के सकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ दिख सकते हैं (4)।
मेथी के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठजानने के बाद अब हम इससे होने वाले कà¥à¤› नà¥à¤•सान à¤à¥€ जान लेते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मेथी खाने के साइड इफेकà¥à¤Ÿ
मेथी का अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन कà¥à¤› दà¥à¤·à¥à¤ªà¤°à¤¿à¤£à¤¾à¤® à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ कर सकता है। आइà¤, कà¥à¤› बिंदà¥à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से इससे होने वाले नà¥à¤•सान को समà¤à¤¨à¥‡ की कोशिश करते हैं-
मेथी का सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में संकà¥à¤šà¤¨ पैदा कर सकता है। इस कारण बचà¥à¤šà¥‡ के पूरà¥à¤£ विकसित होने से पहले आपको इसके सेवन को लेकर सजग रहना चाहिà¤, नहीं तो गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होने की आशंका जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहती है (5)।
मेथी का अधिक सेवन करने से होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ में जनà¥à¤® दोष, हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤«à¤²à¤¸ (à¤à¤• मानसिक विकार), à¤à¤¨à¥‡à¤‚सेफेली (अविकसित दिमाग के साथ बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤®) और सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾ बिफिडा (जिसमें रीॠपूरà¥à¤£ विकसित नहीं होती) जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती हैं (6)।
इसकी अधिक मातà¥à¤°à¤¾ कà¥à¤› मामलों में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ पैदा कर सकती है, जैसे – सांस लेने में तकलीफ, छाती या गले में जकड़न, सीने में दरà¥à¤¦, तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर छाले, दाने, खà¥à¤œà¤²à¥€ और तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर सूजन (7)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम चरम में इसका अधिक सेवन बदबूदार पसीने और मूतà¥à¤° का कारण बन सकता है (8)।
मेथी पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से à¤à¤• à¤à¤‚टी-डिपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚ट (अवसाद को कम करने वाला) की तरह काम करती है। इस कारण अगर आप à¤à¤¸à¥‡ समय में डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ कम करने वाली दावों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर रही हैं, तो मेथी को उपयोग न करें। इससे मनोदशा में बदलाव (Mood Change), कंपकंपी और बेचैनी जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं (9)।
मेथी को अपने आहार में कैसे शामिल करें
निमà¥à¤¨ बिंदà¥à¤“ं के माधà¥à¤¯à¤® से हम मेथी को आहार में शामिल करने के कà¥à¤› आसान तरीके जानेंगे –
मेथी दाना– आप मेथी दानों को सबà¥à¤œà¥€ पकाते वकà¥à¤¤ मसाले के तौर पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं।
मेथी का लडà¥à¤¡à¥‚– मेथी के दानों को पीसकर सूखे मेवे के साथ आप इसके लडà¥à¤¡à¥‚ बनाकर à¤à¥€ उपयोग में ला सकती हैं।
मेथी का साग– आप मेथी के साग को पकाकर à¤à¥€ खाने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में ला सकती हैं।
मेथी का पराठा– मेथी का साग पकाकर आप इसे पराठे में फिलिंग के तौर पर à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
मेथी की सबà¥à¤œà¥€â€“ मेथी के साथ आप आलू और सोया साग मिलाकर इसकी सबà¥à¤œà¥€ à¤à¥€ तैयार कर खाने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में ला सकती हैं।
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